॥आरती शिव जी की॥ जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा विष्णु सदाशिव अर्द्धांगी धारा॥ ॐ जय शिव
निर्जला एकादशी सनातन धर्म में सबसे महत्वपूर्ण और कठिन व्रतों में से एक मानी जाती है। ज्येष्ठ मास की
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे । भक्त जनों के संकट,दास जनों के संकट, क्षण में दूर
भक्ति, शक्ति और गुरु के प्रति अटूट श्रद्धा का एक अनूठा संगम आज देखने को मिला। अवसर था गुरु
बुद्ध पूर्णिमा, जिसे ‘वैशाख पूर्णिमा’ के नाम से भी जाना जाता है, बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए साल
भक्ति और आस्था का संगम: गुरु जी के जन्मोत्सव पर सजेगी माँ भगवती की दिव्य चौकी दिनांक: 3 मई
“मैया के चरणों में झुकता है सारा जमाना, आज खुशियों से महकेगा भक्तों का आशियाना।” अत्यंत हर्ष के साथ