शिव जी की आरती ॥आरती शिव जी की॥ जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा। ब्रह्मा विष्णु सदाशिव अर्द्धांगी धारा॥ ॐ जय शिव
ॐ जय जगदीश हरे ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे । भक्त जनों के संकट,दास जनों के संकट, क्षण में दूर