चातुर्मास के 4 महीनों में कौन-कौन से नियम, खान-पान की सावधानियां और परहेज रखने चाहिए? चातुर्मास के 4 महीने (सावन, भाद्रपद, आश्विन और कार्तिक) वर्षा ऋतु के दौरान आते हैं। धर्म और आयुर्वेद दोनों